Friday, May 31, 2013

This poem is dedicated to some very beautiful people with whom I spent my four years i.e. my branch mates... Thank u all for being a part of my journey...

Yaadein... 


अब बहुत कुछ बस यादों में समा जाएगा 
जो साथ बिताया, बस उसका अहसास रह जायेगा।
याद करेंगे कुछ पल जो हमने अपनों के साथ बिताये।

याद आएगा वो भगता का OMG!!
वो माते (Saurabh) का ब्रेक डांस 
वो जॉनसन (Tirath) का किसी की सीट के पीछे बैठना 
वो मेक की ओरत (Durga) के ड्रामे 
वो मुर्गी (Saxena)का कहना की वो बात भी तो बस मुझसे करती है... :















वो कांदे (Ajit) का फेयर-वेल डांस 
वो सैनी का काउन्टर, वो कमल हशन (Pulkit) की चाल 
वो बुबु (Nayan) का इंसानों से ज्यादा कुत्तो से प्यार
वो लंगड़े (Pankaj) का रोज टूथपेस्ट मांगना

वो काका (Manish) के टांग-तोडू स्टंट 
वो जन्तवाल का दिन भर मेसेज में लगा रहना 
वो स्वप्निल के बोलने की रफ़्तार 
वो बस्कोटी का बात-बात हर बात पे रोना 
वो भूषण की इन्टरवलस वाली हँसी 
वो अपने टोपर की मिठाईयाँ 
वो बाबा (Alok) का झूमता हुआ रूम 

वो चुलू (Virendra) का कोकोनट हेयर आयल पीना 
वो दददू (Lokesh) की उम्र के किस्से 
वो गिरी भाई के इंग्लिश लेक्चर

वो हलवाई (Sanchit) की चाय 
वो गोटी (Aayush) एंड ए देवदास इन गोटी 
वो जात (Abhinay) का किसी के नाम से शर्माना 
वो देवरा का क्रिकेट भूत 

वो बारूद,वो अप्पू, वो डॉल, वो जाटनी 
वो चुलबुल, वो बुलबुल एंड वो इंग्लिश वाली भाभी जी 

अब सब बहूत याद आने वाले है.....

Love u people, I 'll miss u a lot...
All the best for Future :)


Tuesday, March 12, 2013

This poem is for my sister "Parul", written about one year ago....

नसीब - पगली बीती बातो को भूल जा…. 


पगली तू क्यों उदास है,

ये तो सब नसीब का खेल है

कोई पास तो कोई फ़ैल है।

जिन्दगी ने मुझे भी रुलाया है कई बार,

तो क्या फिर बस  उदास हो जाऊ

और जिन्दगी ने दिए जो हंसीन पल, उन सब को भूल जाऊ।

 



माना कि आज अँधेरा घना है,

दिल उदास है , कोई न पास है

पर बीती बातो को तू भूल जा,

एक नई सुबह को तेरी ही तलाश है।

पगली तू क्यों उदास है…


चल अब दुखियारी ऒरत का चोंला छोड़,

नजर उठा कर देख,

अब भी कोई तेरे पास है, तेरे साथ है...

 


क्या है तेरे पास और किसकी तुझे तलाश है,

एक बार खुद को मेरी नजर से देख,

तू एक प्यारा सा एहसास है।

क्या अभी-भी पगली तू उदास है… :)